दिल्ली में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि संघ ने हमेशा ‘राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम’ की भावना के साथ काम किया है। राजनाथ सिंह ने RSS की तुलना मां के प्रेम से करते हुए कहा कि इसके लिए किसी प्रमाणपत्र या लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सेवा के लिए समर्पण और भावना महत्वपूर्ण होती है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कांग्रेस की ओर से RSS को लेकर की जा रही टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संघ को किसी सरकारी मान्यता या पंजीकरण के आधार पर नहीं आंका जा सकता। राजनाथ सिंह ने RSS के योगदान और सामाजिक कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने संगठन की भूमिका को राष्ट्र निर्माण से जोड़कर बताया। उनके बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में कई अन्य लोग भी मौजूद रहे। Source: Source Post navigation धर्मेंद्र प्रधान का कुरुक्षेत्र दौरा, RSS नेताओं संग छह घंटे बैठक और NIT में समीक्षा; भद्रकाली मंदिर में करेंगे पूजा बिश्नोई समाज में बयानबाजी तेज: देवेंद्र बुड़िया के बहिष्कार दावे पर कुलदीप बिश्नोई समर्थकों का पलटवार