हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव करने की घोषणा की है। मार्च 2027 से सभी विषयों की परीक्षाओं में केस स्टडी आधारित प्रश्न अनिवार्य किए जाएंगे। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और PARAKH के दिशा-निर्देशों के तहत किया जा रहा है। नई व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों की रटने की क्षमता के बजाय उनकी तार्किक सोच और विश्लेषण कौशल को परखना है। प्रत्येक प्रश्न पत्र में दो केस स्टडी आधारित प्रश्न शामिल किए जाएंगे। इन प्रश्नों के माध्यम से विद्यार्थियों की समस्या समाधान और निर्णय लेने की क्षमता का मूल्यांकन होगा। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल तथ्यों को याद करना नहीं बल्कि ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग सिखाना है। प्रश्न पत्रों में वास्तविक जीवन से जुड़ी परिस्थितियां और समस्याएं शामिल की जाएंगी। विद्यार्थियों को संदर्भ का विश्लेषण कर अपने ज्ञान के आधार पर उत्तर देना होगा। बोर्ड का मानना है कि यह पहल छात्रों में आलोचनात्मक चिंतन और व्यावहारिक समझ विकसित करेगी। नई प्रणाली को लागू करने के लिए प्रश्न निर्माण प्रक्रिया में बदलाव और शिक्षकों के प्रशिक्षण की तैयारी शुरू कर दी गई है। यह कदम विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार करने में मदद करेगा। Source: Source Post navigation बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर छात्रों में आक्रोश, दिलीप कुमार ने आंदोलन की चेतावनी दी अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं पर संकट, विशेषज्ञों ने 4 साल में PhD पूरी करने पर उठाए सवाल