सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म मामले में आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई है। मामला वर्ष 2016 का है, जिसमें एक रिक्शा चालक आरोपी था। अदालत ने कहा कि कड़ी सजा के बावजूद महिलाओं के खिलाफ यौन अपराधों पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सजा को बरकरार रखा। आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कारावास का आदेश दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे अपराधों में कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई जरूरी है। अदालत ने पीड़िता को न्याय दिलाने और अपराधों पर नियंत्रण के लिए सख्त रुख अपनाया। यह फैसला महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में न्यायपालिका की गंभीरता को दर्शाता है। कोर्ट ने अपराध की प्रकृति और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निर्णय दिया। मामले में आरोपी को अब निर्धारित अवधि तक जेल की सजा भुगतनी होगी।

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