सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या राम मंदिर की दान राशि के कथित गबन मामले की जांच के लिए नई विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित करने का आदेश दिया है। अदालत ने इस मामले की जांच स्थानीय पुलिस से हटाकर एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में सौंप दी है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी। श्री राम तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सभी दान रसीदें और वित्तीय अभिलेख सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। इन दस्तावेजों की जांच के दौरान विस्तार से समीक्षा की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले के राजनीतिकरण से बचने की भी चेतावनी दी है। अदालत ने कहा कि जांच केवल तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़नी चाहिए। अब तक इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। नई एसआईटी सभी पहलुओं की स्वतंत्र रूप से जांच करेगी। अदालत ने जांच की निगरानी स्वयं करने का भी निर्णय लिया है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

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