हाईकोर्ट ने स्कूल की जमीन पर प्रस्तावित निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि खेल मैदान शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा हैं। कोर्ट ने माना कि छात्रों के शारीरिक विकास के लिए खेल सुविधाएं जरूरी हैं। मामले की सुनवाई के दौरान स्कूल भूमि के उपयोग को लेकर सवाल उठे। याचिकाकर्ता ने स्कूल परिसर में निर्माण का विरोध किया था। अदालत ने संबंधित पक्षों को स्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि शिक्षा केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं है। खेल मैदान छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्कूल भूमि के इस्तेमाल से पहले नियमों का पालन आवश्यक है। मामले में आगे की सुनवाई जारी रहेगी। Source: Source Post navigation गोवा के लग्जरी होटल में बच्चों के फंसने के मामले में 10 लाख रुपये मुआवजे का आदेश राम मंदिर दान राशि गबन मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, नई एसआईटी करेगी जांच