यूक्रेन की इस साल 50 लाख से अधिक ड्रोन बनाने की योजना ने NATO का ध्यान आकर्षित किया है। सैन्य अधिकारियों का मानना है कि यूक्रेन की ड्रोन युद्ध रणनीतियों से भविष्य के युद्ध की तैयारी के लिए सीख ली जा सकती है। रूस-यूक्रेन संघर्ष ने आधुनिक युद्ध में ड्रोन के बढ़ते महत्व को सामने ला दिया है। इस युद्ध में बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही महंगी सटीक मार करने वाली मिसाइलों और अन्य हथियारों की खपत भी तेजी से बढ़ी है। इंटरसेप्टर मिसाइलों के भंडार पर बढ़ते दबाव ने सैन्य योजनाकारों की चिंताएं बढ़ाई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य की हवाई शक्ति को नए दृष्टिकोण से समझने की जरूरत है। आधुनिक युद्ध अब केवल पारंपरिक हथियारों पर निर्भर नहीं रह गया है। ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नेटवर्क आधारित प्रणालियां युद्ध की दिशा बदल रही हैं। NATO रणनीतिकार यूक्रेन के अनुभवों का अध्ययन कर रहे हैं। आने वाले समय में सैन्य अभियानों में ड्रोन तकनीक की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होने की संभावना है। Source: Source Post navigation हूती विद्रोहियों की सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी की घोषणा, वैश्विक व्यापार पर बढ़ा खतरा यूक्रेन तट के पास हमले में 4 भारतीयों की मौत, रूस के राजनयिक को भारत ने किया तलब