छत्तीसगढ़ के बालोद स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में कृषि विकास को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजनांदगांव, दुर्ग, बेमेतरा और बालोद के कृषि विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और प्रगतिशील किसान शामिल हुए। वर्ष 2026-27 की कृषि कार्ययोजना तैयार करने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया। बैठक का मार्गदर्शन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के विस्तार सेवाओं के निदेशक डॉ. एसएस टूटेजा ने किया। इसमें सोयाबीन फसल के घटते रकबे को बढ़ाने पर विशेष चर्चा हुई। पर्यावरण के अनुकूल सोयाबीन किस्मों को बढ़ावा देने की योजना पर विचार किया गया। औषधीय और सुगंधित पौधों जैसे तुलसी, लेमन ग्रास और पाल्मा रोजा ग्रास की खेती को प्रोत्साहित करने पर भी बात हुई। कृषि विज्ञान केंद्र बालोद ने सुगंधित धान उत्पादन बढ़ाने की कार्ययोजना प्रस्तुत की। दुर्ग क्षेत्र में फल, सब्जी और फूलों की खेती को बढ़ावा देने की योजनाओं पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों और किसानों ने कृषि क्षेत्र में उन्नति और आय बढ़ाने के उपायों पर विचार साझा किए। Source: Source Post navigation कवर्धा में दूसरी कक्षा के छात्र की नाले में बहने से मौत, स्कूल से लौटते समय हुआ दर्दनाक हादसा बरनाला में सफाई सेवकों और पुलिस के बीच झड़प, मांगों को लेकर कर्मचारियों का धरना जारी