मौसमी बीमारियों के लक्षण कई बार हार्ट अटैक के संकेतों जैसे दिखाई दे सकते हैं। डॉक्टरों के अनुसार थकान और सीने में परेशानी को लोग अक्सर वायरल संक्रमण समझ लेते हैं। दिल की समस्या के कुछ हल्के संकेत जैसे मतली, जबड़े में दर्द या असहजता को नजरअंदाज किया जा सकता है। कई मरीज सामान्य सर्दी-जुकाम मानकर इलाज में देरी कर देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर चिकित्सकीय जांच बेहद जरूरी है। शुरुआती पहचान से दिल को होने वाले स्थायी नुकसान से बचा जा सकता है। मौसम बदलने के दौरान शरीर में होने वाले बदलावों पर ध्यान देना चाहिए। अगर सीने में दर्द या असामान्य लक्षण लगातार बने रहें तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। हृदय स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और सतर्कता महत्वपूर्ण है। सही समय पर उपचार मिलने से गंभीर जोखिम को कम किया जा सकता है।

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