चांद धीरे-धीरे धरती से दूर जा रहा है और इसका असर हमारे ग्रह पर लंबे समय में दिखाई देगा। वैज्ञानिकों के अनुसार चांद हर साल करीब 3.8 सेंटीमीटर की दूरी बढ़ा रहा है। लाखों वर्षों बाद इस बदलाव से धरती पर दिनों की अवधि बढ़ सकती है। भविष्य में पूर्ण सूर्य ग्रहण की घटना भी समाप्त हो सकती है। चांद की दूरी बढ़ने से समुद्री ज्वार-भाटा कमजोर हो सकते हैं। इसका असर तटीय पारिस्थितिकी तंत्र और समुद्री जीवों पर पड़ सकता है। चांद की कक्षा ऊंची होने के साथ धरती के घूमने की गति भी धीरे-धीरे कम होती रहेगी। यह प्रक्रिया बेहद धीमी है लेकिन लंबे समय में इसका प्रभाव महत्वपूर्ण हो सकता है। वैज्ञानिक इस बदलाव को पृथ्वी और चांद के बीच चल रही प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा मानते हैं। चांद का दूर जाना अंतरिक्ष और पृथ्वी के संबंधों को समझने के लिए महत्वपूर्ण अध्ययन का विषय है। आने वाले करोड़ों वर्षों में यह बदलाव धरती के पर्यावरण और समय प्रणाली को प्रभावित कर सकता है। Source: Source Post navigation बादशाहपुर में बाबा चुप शाह का वार्षिक मेला 22 जुलाई से, धार्मिक कार्यक्रमों में जुटेंगे श्रद्धालु