संयुक्त राष्ट्र महिला की एक नई रिपोर्ट में एआई सिस्टम में लैंगिक पक्षपात को लेकर चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, कई कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडल प्रशिक्षण डेटा में मौजूद लैंगिक रूढ़ियों को दोहराते हैं। एआई अक्सर महिलाओं को घरेलू भूमिकाओं से और पुरुषों को करियर से जोड़ता है। इससे समाज में मौजूद पुराने भेदभाव को और बढ़ावा मिल सकता है। रिपोर्ट में बताया गया कि एआई का इस्तेमाल ऑनलाइन उत्पीड़न और बिना सहमति के डीपफेक वीडियो बनाने में भी किया जा रहा है। एआई क्षेत्र में महिलाओं की कम भागीदारी से पक्षपात की पहचान करना कठिन हो जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक के विकास में विविधता जरूरी है। एआई के बढ़ते प्रभाव के बीच निष्पक्ष और जिम्मेदार प्रणालियों की आवश्यकता बढ़ रही है। रिपोर्ट ने तकनीकी कंपनियों से अधिक जवाबदेही और सुधार की मांग की है। लैंगिक समानता सुनिश्चित करने के लिए एआई विकास प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

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