अमेरिका में प्रस्तावित एक नए सीनेट बिल से ऑटोमोबाइल कंपनियों पर असर पड़ सकता है। इस बिल का उद्देश्य चीनी वाहन निर्माताओं और उनके घटकों को अमेरिकी बाजार से सीमित करना है। कानून लागू होने पर चीन से जुड़े निवेश वाली कुछ कंपनियों को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। Mercedes-Benz भी इस नियम के दायरे में आ सकती है क्योंकि कंपनी का चीन में महत्वपूर्ण निवेश है। प्रस्तावित नियमों के तहत कंपनी को 2030 तक नई स्वामित्व शर्तों का पालन करना पड़ सकता है। अमेरिकी सांसदों का कहना है कि यह कदम घरेलू विनिर्माण और प्रतिस्पर्धा की सुरक्षा के लिए उठाया जा रहा है। विदेशी प्रभाव और आपूर्ति श्रृंखला जोखिम को कम करना इस बिल का प्रमुख उद्देश्य बताया गया है। इस प्रस्ताव से अन्य कंपनियां भी प्रभावित हो सकती हैं। Polestar जैसी कंपनियों पर भी संभावित बिक्री प्रतिबंधों का असर पड़ सकता है। ऑटो उद्योग इस विधेयक के संभावित प्रभावों पर नजर बनाए हुए है। अंतिम निर्णय के बाद ही कंपनियों पर पड़ने वाले वास्तविक प्रभाव स्पष्ट होंगे।

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