मानसून सत्र के अंतिम दिन सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित होने के बाद फिर से शुरू हुई। कार्यवाही के दौरान स्कूलों के नामकरण और आरक्षण जैसे मुद्दों को लेकर हंगामा देखने को मिला। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच कई विषयों पर तीखी बहस हुई। सदन में विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्यों ने अपनी-अपनी मांगें और आपत्तियां रखीं। स्कूलों के नाम बदलने के मुद्दे पर सदस्यों ने विरोध दर्ज कराया। आरक्षण से जुड़े मामलों पर भी चर्चा के दौरान माहौल गरम रहा। लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। सभापति ने सदस्यों से शांति बनाए रखने और चर्चा में भाग लेने की अपील की। कई मुद्दों पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। अंतिम दिन की कार्यवाही राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Source: Source Post navigation नारनौल में कांग्रेस का प्रदर्शन, राहुल गांधी की गिरफ्तारी और जंतर-मंतर लाठीचार्ज का विरोध पेपर लीक पर सख्त कानून की तैयारी, दोषियों को 10 साल जेल और ₹10 करोड़ जुर्माने का प्रस्ताव