पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। कैबिनेट बैठक में नए पेपर लीक कानून के मसौदे पर चर्चा की गई। प्रस्तावित कानून में दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान शामिल होने की बात सामने आई है। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाना है। पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए कानूनी प्रावधानों को मजबूत किया जा रहा है। इसी बीच सरकार ने आंदोलन कर रहे प्रतिनिधियों के साथ बातचीत का रास्ता भी अपनाया है। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में CJP और केंद्रीय मंत्रियों के बीच वार्ता हुई। सरकार कानून को कड़ा करने के साथ विवाद का समाधान संवाद के जरिए निकालने की कोशिश कर रही है। परीक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों की चिंताओं को लेकर चर्चा जारी है। नए कानून के लागू होने से पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई की संभावना बढ़ जाएगी।

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