उड़ान के दौरान किसी यात्री की मौत होना एक दुर्लभ लेकिन गंभीर स्थिति होती है। केबिन क्रू को ऐसी मेडिकल आपात स्थितियों से निपटने की ट्रेनिंग दी जाती है। यात्री को बचाने के प्रयास तब तक जारी रहते हैं जब तक कोई चिकित्सा विशेषज्ञ इसे संभव न माने। विमान में मौत होने पर हर बार आपात लैंडिंग करना जरूरी नहीं होता। पायलट और क्रू स्थिति के अनुसार निर्णय लेते हैं। मृत यात्री के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाता है। अन्य यात्रियों को कम से कम परेशानी हो, इसका भी ध्यान रखा जाता है। एयरलाइंस ऐसी घटनाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय दिशा-निर्देशों और आंतरिक प्रोटोकॉल का पालन करती हैं। घटना के बाद आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं। ऐसी घटनाएं विमानन क्षेत्र में बेहद कम देखने को मिलती हैं।

Source: Source