जयपुर स्थित विश्व धरोहर आमेर महल की सदियों पुरानी भित्ति चित्रकारी को सुरक्षित रखने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। पहली बार चित्रों की वैज्ञानिक जांच के लिए XRF मशीन का उपयोग किया जाएगा। इस तकनीक से चित्रों में इस्तेमाल किए गए रंगों और धातु तत्वों की पहचान की जा सकेगी। इससे संरक्षण विशेषज्ञों को ऐतिहासिक कलाकृतियों की बेहतर समझ मिलेगी। जांच के आधार पर चित्रकारी को नुकसान से बचाने के लिए उचित उपाय किए जाएंगे। आमेर महल की भित्ति चित्रकारी राजस्थान की समृद्ध कला और विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वैज्ञानिक परीक्षण से संरक्षण कार्य को अधिक सटीक और प्रभावी बनाया जा सकेगा। विशेषज्ञ प्राचीन रंगों की संरचना और उनकी स्थिति का अध्ययन करेंगे। इस पहल का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखना है। तकनीक और विरासत संरक्षण के मेल से आमेर महल की कला को नई सुरक्षा मिलेगी। यह कदम भारत की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Source: Source Post navigation जंतर-मंतर प्रदर्शन पर AI चश्मे से निगरानी का दावा, पुलिस के Meta स्मार्ट ग्लास इस्तेमाल पर उठे सवाल राजौरी में शहीद सुखप्रीत सिंह को अंतिम विदाई, पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार