बिना विधानसभा या विधान परिषद सदस्य बने मंत्री पद की शपथ लेने वाले दीपक प्रकाश के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। यह मामला मंत्री पद की संवैधानिक वैधता से जुड़ा हुआ है। याचिका में बिना सदन का सदस्य बने मंत्री बनाए जाने को चुनौती दी गई है। संविधान के प्रावधानों के तहत किसी व्यक्ति को मंत्री बनने के बाद निर्धारित अवधि में सदन का सदस्य बनना होता है। इसी मुद्दे को लेकर अदालत में बहस चल रही है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में कानूनी पहलुओं की समीक्षा करेगा। सुनवाई के दौरान संबंधित पक्ष अपनी दलीलें पेश करेंगे। इस मामले पर राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर नजर बनी हुई है। अदालत के फैसले का असर ऐसे मामलों में भविष्य की प्रक्रिया पर पड़ सकता है। मामले से जुड़े सभी संवैधानिक पहलुओं पर विचार किया जाएगा। अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। Source: Source Post navigation दिल्ली दंगे के 6 साल बाद भी अंकित शर्मा का परिवार दर्द में, न्याय के बाद भी नहीं भरे जख्म CISF कांस्टेबल की वेतन कटौती बरकरार, हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया अनुशासनहीनता पर सुनाया फैसला