बिलासपुर हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले CISF कांस्टेबल की विभागीय सजा को सही ठहराया है। कांस्टेबल ने भारतीय सेना और पैरामिलिट्री फोर्स के खिलाफ फेसबुक पर विवादित पोस्ट किए थे। इसके बाद विभाग ने उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए वेतन कटौती की सजा दी थी। हाईकोर्ट ने इस दंड को मामले की गंभीरता के अनुरूप उचित माना। अदालत ने कहा कि सोशल मीडिया पर अनुशासनहीनता सुरक्षा बलों के सदस्यों के लिए गंभीर विषय है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वह संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत तभी हस्तक्षेप करेगा जब जांच प्रक्रिया में कोई बड़ी खामी हो। यदि सजा अत्यधिक या अनुचित न हो तो न्यायालय विभागीय फैसले में दखल नहीं देगा। इस फैसले से सुरक्षा बलों में सोशल मीडिया आचरण को लेकर सख्त संदेश गया है। अदालत ने विभागीय कार्रवाई को बरकरार रखते हुए याचिका पर राहत देने से इनकार किया।

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