जालंधर जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग ने बीमा कंपनियों के खिलाफ दो मामलों में उपभोक्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने बजाज एलायंज जनरल इंश्योरेंस और चोलामंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस को कुल 13.54 लाख रुपये से अधिक की राशि भुगतान करने के आदेश दिए हैं। आयोग ने कहा कि प्रीमियम लेने के बाद कंपनियां तकनीकी कारणों का सहारा लेकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकतीं। पहले मामले में कार बीमा क्लेम को लेकर विवाद था, जिसमें कंपनी ने मृतक के नाम जारी पॉलिसी का हवाला देकर भुगतान से इनकार किया था। आयोग ने कंपनी की दलील खारिज करते हुए मरम्मत खर्च, मुआवजा और मुकदमा खर्च देने का आदेश दिया। दूसरे मामले में सड़क हादसे में घायल उपभोक्ता की पत्नी के इलाज का क्लेम हाइपरटेंशन का हवाला देकर रोका गया था। आयोग ने कहा कि पुरानी बीमारी और दुर्घटना के इलाज के बीच सीधा संबंध साबित किए बिना क्लेम खारिज नहीं किया जा सकता। कंपनी को 8.88 लाख रुपये ब्याज सहित, मुआवजा और कानूनी खर्च देने के निर्देश दिए गए। आयोग ने उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज कराने के अधिकार और प्रक्रिया की जानकारी भी दी। उपभोक्ता घटना के दो साल के भीतर जिला आयोग में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से दाखिल की जा सकती है। Source: Source Post navigation हाई कोर्ट का फैसला: मैरिज रजिस्ट्रेशन और निजी दस्तावेज RTI के तहत नहीं दिए जा सकते Lay’s चिप्स के आलू की किस्म को लेकर विवाद, किसान संगठनों ने पेप्सिको के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया