ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत गिरकर 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गई है। तेल बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच सरकार ने स्थिति पर नजर रखने की बात कही है। सरकार ने कहा है कि कीमतों में अस्थिरता को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ सकता है। अधिकारियों के अनुसार सरकार ऊर्जा आपूर्ति और बाजार स्थिरता को लेकर सतर्क है। वैश्विक घटनाक्रमों के कारण तेल बाजार में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं। सरकार ने उपभोक्ताओं और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव को सीमित करने का आश्वासन दिया है। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विभाग बाजार की गतिविधियों की निगरानी कर रहे हैं। विशेषज्ञों की नजर अब कच्चे तेल की कीमतों के आगे के रुझान पर बनी हुई है। सरकार ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर उचित नीतिगत कदम उठाए जाएंगे। Source: Source Post navigation वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नया कर विधेयक लाने की तैयारी LIC ऑफर में सरकार ने बढ़ाई हिस्सेदारी बिक्री, OFS से जुटाए जाएंगे करीब 31,400 करोड़ रुपये