भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (InvITs) को निर्माणाधीन परियोजनाओं में अल्पांश हिस्सेदारी लेने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है। इस कदम का उद्देश्य इन ट्रस्ट्स के लिए भविष्य में आय देने वाली संपत्तियां तैयार करना है। प्रस्तावित बदलावों के तहत दूर स्थित साझा बुनियादी ढांचा, जैसे नवीकरणीय ऊर्जा सुविधाएं, भी रियल एस्टेट संपत्तियों की श्रेणी में शामिल हो सकती हैं। SEBI का मानना है कि नियामकीय बदलावों से REITs और InvITs के लिए अनुपालन प्रक्रिया आसान होगी और रियल एस्टेट व इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में निवेश के नए अवसर खुलेंगे।

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