पूर्व WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह यौन उत्पीड़न मामले में बरी हो गए हैं। अदालत ने आरोपों के पीछे संभावित राजनीतिक मकसद की ओर भी ध्यान दिलाया। कोर्ट ने शिकायतकर्ताओं, एक विशेष कुश्ती अखाड़े और राजनीतिक संस्थाओं के बीच संबंधों का उल्लेख किया। अदालत ने मामले से जुड़े इन कनेक्शनों की विस्तार से जांच की। शिकायतकर्ताओं द्वारा दिए गए पतों को लेकर भी कोर्ट ने सवाल उठाए। अदालत ने शिकायतकर्ताओं के बीच कुछ समानताओं और संबंधों पर गौर किया। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि कुछ शिकायतकर्ता आरोप लगाए जाने के बाद भी सिंह के संपर्क में रहे थे। इन परिस्थितियों को मामले की विश्वसनीयता के आकलन में महत्वपूर्ण माना गया। सिंह ने अपने बरी होने के बाद आरोपों को साजिश का हिस्सा बताया। उन्होंने मामले के पीछे राजनीतिक संबंधों और हितों का आरोप लगाया। अदालत की टिप्पणियों से मामले में राजनीतिक पहलू की चर्चा फिर तेज हो गई है। फैसले के बाद सिंह ने इसे अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों पर बड़ी राहत के रूप में पेश किया।

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