उज्जैन (बड़नगर) के प्रदीप मालवीय की शादी में दहेज के रूप में माँगी गई 15 तोला सोना और 25 लाख रुपये का बदला लेकर, दूल्हे के माता-पिता ने इसे तुरंत ही दुल्हन के घर लौटाया। यह कदम आज के दौर में शादी को लेन-देन बनते देखे जाने वाले रिवाज़ को चुनौती देता है। दुल्हे के पिता ने emotional बात करते हुए कहा, “हमारी शादी में केवल दो लोग हैं—दूल्हा और दुल्हन, बाकी सब को प्यार से दूर रहने दो।” इस साहसिक कदम ने न सिर्फ समाज में चर्चा बटोही, बल्कि कई जोड़ों को दहेज के बोझ से मुक्त हो कर अपनी खुशी बनाने की प्रेरणा भी दी। इस घटना ने यह साबित किया कि दहेज बदला नहीं, बल्कि रिश्तों की सच्ची कीमत है। Post navigation समाधान शिविर: डीसी अभिषेक मीना ने सुनी जन समस्याएँ, अवैध कब्जों व जमीनी विवादों पर तुरंत आदेश पत्नी की खोज का बहाना बना पुलिस का गोवा ट्रिप: 65 हज़ार की शर्त