इंदौर में बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाली कथित फर्जी कंसल्टेंसी का मामला सामने आया है। आरोपी युवाओं को अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे पैसे लेते थे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर धोखाधड़ी के नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया। जांच में सामने आया कि कथित तौर पर पति ठगी की गतिविधियों को अंजाम देता था। ठगी से मिले रुपये उसकी पत्नी के बैंक खाते में जमा किए जाते थे। पुलिस ने पत्नी को भी मामले में आरोपी बनाया है। जांच एजेंसी बैंक खातों में हुए लेनदेन की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी का शिकार कितने बेरोजगार हुए हैं। फर्जी कंसल्टेंसी के जरिए नौकरी का भरोसा देकर युवाओं से रकम वसूली जाने का आरोप है। पुलिस आरोपी दंपती की भूमिका और उनके नेटवर्क की जांच कर रही है। मामले में पैसों के लेनदेन से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Source: Source Post navigation नोएडा में 1.48 करोड़ की चोरी का खुलासा, 6 गिरफ्तार; 500 के नोटों की 296 गड्डियां बरामद रायगढ़ में शराब दुकान के गार्ड पर पिस्टलनुमा हथियार से फायरिंग, पेट में लगी गोली; CCTV में दिखा आरोपी