बिहार में अगले साल होने वाले पंचायत चुनाव में बड़े बदलाव की संभावना है। पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच मुखिया पदों की संख्या बढ़ने की चर्चा है। मौजूदा करीब 8 हजार सीटों की तुलना में यह संख्या लगभग 13 हजार तक पहुंच सकती है। नए परिसीमन और पंचायतों की संरचना में बदलाव से सीटों का आंकड़ा प्रभावित होगा। चुनाव के लिए नया आरक्षण रोस्टर भी तैयार किया जाएगा। जातीय आंकड़ों के आधार पर आरक्षण व्यवस्था में बदलाव होने की संभावना है। इससे कई पंचायतों में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। संभावित नए रोस्टर का सीधा असर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों पर पड़ेगा। कई मौजूदा जनप्रतिनिधियों के लिए सीटों का आरक्षण बदलने से चुनौतियां बढ़ सकती हैं। वहीं नए क्षेत्रों में चुनावी दावेदारों को अवसर मिलने की उम्मीद है। पंचायत स्तर पर जातीय और राजनीतिक समीकरण भी नए सिरे से बन सकते हैं। चुनावी प्रक्रिया के तहत परिसीमन और आरक्षण से जुड़े काम महत्वपूर्ण होंगे। अंतिम तस्वीर आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। Source: Source Post navigation सुखबीर बादल पर हमलों की NIA जांच की मांग, हरसिमरत कौर ने अमित शाह को लिखा पत्र सैलजा का सरकार पर हमला, बोलीं- सफाई कर्मचारियों के वादे निभाएं; हड़ताल से शहरों में पसरी गंदगी