मेरठ के SSP अविनाश पांडेय को जिले से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। वह प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज और कथित थप्पड़ कांड को लेकर चर्चा में आए थे। प्रदर्शन एक दलित छात्रा की हत्या के विरोध में आयोजित किया गया था। घटना के बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। SSP के तबादले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। इसे आगामी उत्तर प्रदेश चुनावों से पहले सरकार के एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। इस कार्रवाई के जरिए दलित समाज में पैदा हुई नाराजगी को कम करने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। हालांकि, सरकार की ओर से तबादले को लेकर ऐसा कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किए जाने के बाद उनकी नई जिम्मेदारी को लेकर भी ध्यान बना हुआ है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं। मामले को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। SSP के हटाए जाने के बाद मेरठ में कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन को लेकर आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। Source: Source Post navigation MPD-2047 में दिल्ली के परिवहन का नया खाका, एयर टैक्सी से वाटर ट्रांसपोर्ट तक कई योजनाएं SIM कार्ड नियमों में बड़ा बदलाव, 24 अगस्त से 9 से ज्यादा कनेक्शन पर सख्ती