मोगा की एक कोऑपरेटिव सोसायटी में सेल्समैन की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनवाई की। अदालत ने भर्ती प्रक्रिया में सामने आई कथित अनियमितताओं पर पंजाब सरकार से जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान अदालत ने नियुक्तियों को लेकर सरकार पर मौखिक टिप्पणी भी की। याचिका मोगा निवासी अमरप्रीत रिहान ने दाखिल की है। याचिकाकर्ता का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हुई। सेल्समैन पद के लिए अमरप्रीत को 20 में से 15 अंक मिले, जबकि भूपिंदर सिंह को 17 अंक देकर चयनित किया गया। भर्ती केवल 20 अंकों के मौखिक इंटरव्यू पर आधारित होने और उसका पर्याप्त लिखित रिकॉर्ड नहीं होने पर सवाल उठाया गया है। याचिका में आरोप है कि चयनित उम्मीदवार की कंप्यूटर दक्षता को लेकर दावा किया गया, लेकिन कोई कंप्यूटर या टाइपिंग टेस्ट नहीं हुआ। चयन समिति के कुछ सदस्यों द्वारा उम्मीदवारों से सवाल नहीं पूछने और मूल्यांकन का रिकॉर्ड नहीं रखने का भी आरोप है। याचिका में चयनित उम्मीदवार द्वारा निर्धारित सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा नहीं करने का मुद्दा भी उठाया गया है। भर्ती विज्ञापन विभाग की वेबसाइट पर अपलोड नहीं करने और प्रक्रिया पूरी होने की निर्धारित रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होने जैसी खामियों का भी उल्लेख है। हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों और चयन प्रक्रिया से जुड़े सदस्यों को नोटिस जारी किया है। अदालत ने नियुक्ति से संबंधित मूल रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई पर जवाब मांगा है। Source: Source Post navigation 7 साल चली अवैध हिरासत की लड़ाई, जापानी नागरिक को कर्नाटक सरकार से ₹75 हजार मुआवजा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: मामूली सजा के आधार पर पुलिसकर्मी को पदोन्नति से नहीं किया जा सकता वंचित