25 वर्षीय IIT दिल्ली की बायोटेक्नोलॉजी ग्रेजुएट शैवी मलिक भारत की कोल्ड-चेन चुनौती से निपटने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने साथी इंजीनियरों के साथ चेन्नई स्थित क्लाइमेट-टेक स्टार्टअप Yotuh Energy की सह-स्थापना की है। मलिक को इस तकनीक का विचार IIT दिल्ली की Formula Student रेसिंग टीम के अनुभव से मिला। उनकी टीम ने ट्रकों के लिए बैटरी से चलने वाली रेफ्रिजरेशन प्रणाली विकसित की है। यह सिस्टम ट्रक के इंजन पर निर्भर हुए बिना काम कर सकता है। तकनीक का उद्देश्य परिवहन के दौरान तापमान-संवेदनशील खाद्य उत्पादों को ठंडा रखना है। वाहन के खड़े रहने के दौरान भी यह सिस्टम आवश्यक तापमान बनाए रखने में मदद करता है। इससे ट्रकों में डीजल की खपत कम करने की उम्मीद है। इसके साथ ही परिचालन लागत में भी कमी आ सकती है। बैटरी आधारित प्रणाली से वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को घटाने में मदद मिल सकती है। यह समाधान भारत की कमजोर कोल्ड-चेन व्यवस्था से जुड़ी खाद्य बर्बादी को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शैवी मलिक की पहल तकनीक और जलवायु समाधान के जरिए खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को अधिक टिकाऊ बनाने पर केंद्रित है। Source: Source Post navigation त्योहारी सीजन से पहले Amazon-Flipkart का नया शुल्क नियम, सेलर्स ने बढ़ते आर्थिक बोझ पर जताई चिंता अमेरिकी ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ता संकट, 2030 तक लाखों नए कर्मचारियों की जरूरत; AI से बढ़ सकती है श्रम की कमी