रायपुर में कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद ग्रामीण इलाकों के लिए अलग पुलिसिंग व्यवस्था बनाई गई है। ग्रामीण पुलिस के 220 दिनों से अधिक के आंकड़ों में कुल अपराध में कमी दर्ज हुई है। 23 जनवरी से 31 अगस्त तक कुल अपराध 2329 से घटकर 2131 रह गए। यानी पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 198 मामले कम हुए। हालांकि गंभीर अपराधों के बढ़ते आंकड़ों ने पुलिस के लिए चिंता बढ़ाई है। हत्या के प्रयास के मामले 18 से बढ़कर 28 हो गए हैं। अपहरण और व्यपहरण के मामले भी 139 से बढ़कर 163 पहुंच गए। लूट के मामले 15 से बढ़कर 17 और धोखाधड़ी के मामले 33 से बढ़कर 36 हुए हैं। इसके विपरीत हत्या के मामले 27 से घटकर 25 रह गए। आपराधिक मानव वध के मामले भी सात से घटकर एक हो गए हैं। चोरी, नकबजनी और चोट के मामलों में भी कमी दर्ज की गई है। चोरी के मामले 216 से घटकर 196 और नकबजनी 121 से घटकर 102 रह गई। चोट के मामलों में 918 से घटकर 712 केस दर्ज हुए, यानी 206 मामलों की कमी आई। कुल अपराध में करीब 8.5 प्रतिशत की गिरावट के बावजूद हत्या के प्रयास, अपहरण, लूट और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामलों में बढ़ोतरी पुलिस के सामने नई चुनौती पेश कर रही है।

Source: Source