चंडीगढ़ की ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा हेरिटेज फर्नीचर विदेशों में नीलाम हो रहा है और इसकी जानकारी पहले से मिलने के बावजूद प्रशासन कई बार नीलामी नहीं रुकवा पाया। अब ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए यूटी प्रशासन के संस्कृति विभाग ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार किया है, जिसके तहत विदेश में चंडीगढ़ की किसी हेरिटेज वस्तु की नीलामी की जानकारी मिलते ही पुलिस और संस्कृति विभाग मिलकर कार्रवाई करेंगे। नए सिस्टम में एक विशेष नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है, जो विदेशी ऑक्शन हाउस के कैटलॉग और उनकी गतिविधियों पर नजर रखेगा, जिसका मकसद नीलामी की सूचना मिलने और कानूनी कार्रवाई शुरू होने के बीच लगने वाले समय को कम करना है। प्रशासन को नया सिस्टम बनाने की जरूरत हाल की नीलामियों के बाद महसूस हुई, जब 25 अक्टूबर को पेरिस में Paris Oise Enchères की ओर से चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी की गई और संस्कृति विभाग को अग्रिम सूचना मिलने तथा पुलिस के माध्यम से एफआईआर दर्ज करवाने की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद समय रहते नीलामी नहीं रुक सकी, जिसमें कुल 9 हेरिटेज लॉट में से 7 बिक गए, जबकि 2 की बिक्री नहीं हुई। इससे पहले 10 अक्टूबर की एक अन्य नीलामी में भी प्रशासन की कोशिशों के बावजूद नीलामी पूरी हो गई थी। नई व्यवस्था के तहत नोडल अधिकारी अंतरराष्ट्रीय ऑक्शन हाउस के कैटलॉग की निगरानी करेगा और चंडीगढ़ से जुड़ी हेरिटेज वस्तु सामने आने पर तुरंत चंडीगढ़ पुलिस को जानकारी देगा, ताकि एफआईआर और आगे की कानूनी कार्रवाई में होने वाली देरी कम हो सके। हालांकि, नया एसओपी तैयार होने से हर विदेशी नीलामी का रुकना सुनिश्चित नहीं होगा, क्योंकि यह संबंधित देश के कानून और वहां की कानूनी प्रक्रिया पर भी निर्भर करेगा। Source: Source Post navigation सरदार पटेल की जयंती पर CM योगी का संदेश: बोले- राष्ट्र की शक्ति एकता और ‘राष्ट्र प्रथम’ के भाव में निहित बेगूसराय नाव हादसा: 24 घंटे के भीतर मृतकों के परिजनों को मिला 4-4 लाख का मुआवजा, जल्द बनेगा पुल