छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की ग्राम पंचायत गोड़ा की सरपंच उषा धीवर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। 30 अक्टूबर 2026 को प्रस्ताव पर सम्मेलन होना था, जिसे कोर्ट ने अगली सुनवाई तक स्थगित कर दिया है। कोर्ट ने पंचों के सत्यापन में खामियां मिलने पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तीन कार्य दिवस के भीतर व्यक्तिगत हलफनामा पेश करने का आदेश दिया है। सरपंच उषा धीवर ने अधिवक्ता हेमंत गुप्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 28 अक्टूबर को कोर्ट के निर्देश पर एसडीएम और अविश्वास प्रस्ताव के विहित प्राधिकारी मूल रिकॉर्ड के साथ व्यक्तिगत रूप से पेश हुए, जहां न्यायमूर्ति अमितेन्द्र किशोर प्रसाद की एकलपीठ ने रिकॉर्ड की जांच की और पंचों की पहचान तथा सत्यापन की प्रक्रिया में खामी सामने आई। रिकॉर्ड में यह दर्ज नहीं था कि संबंधित पंचों की पहचान याचिकाकर्ता से कराई गई थी, जबकि एसडीएम ने सत्यापन किए जाने का दावा किया, लेकिन सत्यापन पत्रक पर उनके हस्ताक्षर दर्ज नहीं थे। याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि आदेश पत्रक की प्रमाणित प्रति लेने के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए, जिस पर हाईकोर्ट ने एसडीएम को तीन कार्य दिवस के भीतर व्यक्तिगत शपथपत्र पेश करने का निर्देश दिया और यह स्पष्ट करने को कहा कि याचिकाकर्ता को दस्तावेज क्यों नहीं दिए गए तथा पंचों के सत्यापन पत्रक पर उनके हस्ताक्षर क्यों नहीं थे। कोर्ट ने कहा कि संबंधित एसडीएम की ओर से स्पष्ट गलती हुई है, इसी आधार पर 21 अक्टूबर 2026 के नोटिस के तहत 30 अक्टूबर को प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही पर तत्काल रोक लगाई जाती है। मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी। Source: Source Post navigation मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे हादसे में मृत दंपती के परिवार को 1.80 करोड़ रुपये मुआवजा: MACT का आदेश, कार चालक 70% और ट्रक चालक 30% जिम्मेदार छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने ठुकराई तलाक की अपील: पति पत्नी पर मारपीट के आरोप साबित नहीं कर सका, पत्नी ने आरोपों को बताया झूठा