मॉडल टाउन एक्सटेंशन रोड और रोटरी क्लब के पास मौजूद ग्रीनबेल्ट की सुरक्षा को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, नई दिल्ली की प्रिंसिपल बेंच ने नगर निगम लुधियाना पर कड़ा रुख अपनाया है। बार-बार समय मांगने और अधूरी रिपोर्ट दाखिल करने से नाराज एनजीटी ने निगम पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने कहा है कि ग्रीनबेल्ट की जमीन पर सील या ताले लटकाकर खानापूर्ति करना बंद करें और वहां खोले गए अवैध दरवाजों और शटरों को पक्के निर्माण से हमेशा के लिए बंद करें। पिछली सुनवाई में निगम कमिश्नर द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट को एनजीटी ने सिरे से खारिज कर दिया। ट्रिब्यूनल ने निगम की दो अलग-अलग रिपोर्टों में पाई गई गंभीर विसंगतियों पर सवाल पूछे हैं। अगर ग्रीनबेल्ट पर कोई कब्जा नहीं था तो दुकानों को सील क्यों किया गया? अगर अवैध रास्ते बनाकर कब्जा किया गया था तो अब तक बुलडोजर क्यों नहीं चला? रिपोर्ट में ग्रीनबेल्ट की सटीक नाप-जोख का ब्योरा क्यों गायब है? एनजीटी ने निगम को अंतिम चेतावनी देते हुए अगली सुनवाई से पहले ग्रीनबेल्ट का वास्तविक सीमांकन कर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। मामले के आवेदक कपिल अरोड़ा और विकास अरोड़ा ने कहा कि ग्रीनबेल्ट पर्यावरण की रक्षा और आम जनता की सेहत के लिए बनाई गई है। अब अगली सुनवाई 7 दिसंबर 2026 को होगी, जहां निगम को वीडियो सबूत पेश करने होंगे।

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