हांसी के पुलिस अधीक्षक ने ओडिशा में एक आरोपी की आत्महत्या के मामले में हांसी सीआईए-1 की टीम के पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित पुलिसकर्मियों में पीएसआई कपिल, एसआई सम्मत, पीएचसी जोगेंद्र, पीएचसी अल्ताफ और कांस्टेबल मुकेश शामिल हैं। टीम ओडिशा में कॉमर्शियल क्वांटिटी के नशीले पदार्थों से जुड़े मामले में मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार करने गई थी। आरोपी की मौत के बाद सामने आई पुलिस की लापरवाही को निलंबन का आधार बनाया गया है। यह जानकारी हांसी के एसपी विनोद कुमार ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। उन्होंने बताया कि मुकदमा नंबर 26 में जांच के दौरान नशीले पदार्थों के मुख्य सप्लायर की पहचान ओडिशा निवासी के रूप में हुई थी। उसे गिरफ्तार करने के लिए पीएसआई कपिल के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम ओडिशा गई थी, जिसमें एसआई सम्मत, पीएचसी जोगेंद्र, पीएचसी अल्ताफ और कांस्टेबल मुकेश भी शामिल थे। पुलिसकर्मी अपने वाहन से ओडिशा पहुंचे और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी का ट्रांजिट रिमांड हासिल कर लिया। एसपी ने बताया कि रात अधिक होने और क्षेत्र में थाना दूर होने के चलते पुलिस टीम आरोपी को थाने में रखने के बजाय एक ठहरने के स्थान पर ले गई। इसी दौरान आरोपी बाथरूम में जाने के बहाने अंदर गया और वहां फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पुलिस टीम की ओर से आरोपी की निगरानी में बरती गई लापरवाही को गंभीरता से लिया गया। एसपी विनोद कुमार के अनुसार राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की गाइडलाइंस के तहत आरोपी की सुरक्षा और निगरानी पुलिस की जिम्मेदारी थी। ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आरोपी को थाने में रखना या किसी अन्य स्थान पर ठहराने की स्थिति में उसकी उचित निगरानी सुनिश्चित करना जरूरी था। इसी जिम्मेदारी में लापरवाही पाए जाने पर पांचों पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। Source: Source Post navigation गया जंक्शन पर सक्रिय महिला चोर गिरोह का पर्दाफाश: चार गिरफ्तार, यात्रियों की जेब काटने और सामान चुराने में थे शामिल गंगोत्री हाईवे पर बड़ा हादसा: नदी में गिरी इनोवा कार, 4 की मौत; एक घायल, दो लापता