तेल की कीमतों में फिर से उछाल आया है क्योंकि यूएस और इरान के बीच शांति वार्ताएँ टल रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने शनिवार को बताया कि पाकिस्तान में वार्ता के लिये निर्धारित अमेरिकी टीम को भेजने की योजना रद्द कर दी गई है। इस कदम से क्षेत्रीय तनाव बढ़ता दिख रहा है, जिससे निकट भविष्य में तेल के बाजार में अस्थिरता का ख़तरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक दोनो देशों के बीच भरोसे का माहौल नहीं बनता, तेल की कीमतें स्थिर नहीं होंगी और निवेशकों को जोखिम का सामना करना पड़ेगा। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के बड़ते दामों ने कई तेल आयातक देशों की आर्थिक योजनाओं को प्रभावित किया है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे इस अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए अपने पोर्टफोलियो का पुनर्मूल्यांकन करें। Post navigation लंदन में टूटा विश्व रिकॉर्ड: सबसे लंबी टिरामिसू बनाई गई जयपुर वन्यजीव विभाग की बड़ी लापरवाही: 24 घंटे बाद भी नहीं मिले जानवरों के आँकड़े