छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राजस्व बोर्ड के आदेश पर 6 साल तक खेत नहीं बांटने पर कड़ा प्रहार किया। निचली अदालतों और तहसील स्तर पर प्रशासनिक लालफीताशाही और फाइलों को अटकाने की प्रवृत्ति पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया। तहसीलदार को फटकार लगाई गई। कोर्ट ने कहा कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजस्व बोर्ड के आदेश का पालन करना जरूरी है। कोर्ट ने तहसीलदार को कड़ी चेतावनी दी। मामले में कोर्ट ने सख्ती से कहा कि न्याय में देरी नहीं होनी चाहिए। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का यह फैसला प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कोर्ट के इस फैसले से प्रशासनिक तंत्र में सुधार की उम्मीद है। Source: https://www.naidunia.com/chhattisgarh/bilaspur-land-not-partitioned-for-six-years-despite-revenue-boards-order-high-court-reprimands-chhattisgarh-tehsildar-8440495 Post navigation उमर खालिद को दिल्ली HC से मिली अंतरिम जमानत बिजली कटौती का विरोध