पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अकाली दल के सीनियर उप-प्रधान आबिद सलमानी ने कहा कि वह 25 साल से पार्टी के लिए काम कर रहे है। इस बार विधानसभा चुनावों में उन्हें अगर वेस्ट से टिकट नहीं दिया तो वह आजाद प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगे। इसे लेकर उन्होंने मुस्लिम संगठन पंजाब प्रधान एडवोकेट नईम खान के मीटिंग भी की। जिसमें जालंधर की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, मुस्लिम समाज की राजनीतिक भागीदारी और आने वाले चुनावों में मुस्लिम नेतृत्व को लेकर विचार-विमर्श किया गया। दोनों ने इस बात पर जोर दिया कि अब पंजाब का मुस्लिम समाज केवल वोट बैंक बनकर नहीं रहेगा, बल्कि अपनी मजबूत राजनीतिक पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा। सलमानी ने कहा कि हर चुनाव में मुसलमानों से वोट लिए जाते हैं, लेकिन जब टिकट और प्रतिनिधित्व देने की बात आती है तो हमें नजरअंदाज कर दिया जाता है। अगर राजनीतिक पार्टियों ने मुसलमानों को टिकट नहीं दिया तो मुस्लिम संगठन पंजाब अपने निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में उतारेगा। एडवोकेट नईम ने कहा कि अगर शिरोमणि अकाली दल ने जालंधर वेस्ट सीट से आबिद हसन सलमानी को टिकट नहीं दिया तो वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे और मुस्लिम संगठन पंजाब उनका पूरा समर्थन करेगा। : Source Post navigation भाजपा ने फाल्ता में एक लाख से अधिक वोटों से जीत हासिल की शिअद के सीनियर उप-प्रधान बागी-बोले, टिकट नहीं दिया तो आजाद लड़ेंगे चुनाव