आईबीएम के शेयरों में इस सप्ताह ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट कंपनी के दूसरी तिमाही के उम्मीद से कमजोर वित्तीय परिणामों के बाद आई। कई बड़े सौदे समय पर पूरे नहीं हो सके और ग्राहकों ने अपने खर्च की प्राथमिकताएं बदल दीं। आईबीएम के सीईओ अरविंद कृष्णा ने निवेशकों को पत्र लिखकर कंपनी की चुनौतियों को स्वीकार किया। उन्होंने माना कि कंपनी बाजार में हो रहे बदलावों के अनुरूप तेजी से ढलने में पीछे रह गई। इस खबर के बाद कंपनी के बाजार मूल्य में अरबों डॉलर की कमी आई। हालांकि आईबीएम ने अपने सॉफ्टवेयर और कंसल्टिंग कारोबार की मजबूती पर भी जोर दिया। कंपनी का कहना है कि इन क्षेत्रों में विकास की संभावनाएं बनी हुई हैं। प्रबंधन भविष्य की रणनीति और बाजार की बदलती मांगों पर काम कर रहा है। निवेशक कंपनी के प्रदर्शन और सुधार योजनाओं पर नजर बनाए हुए हैं। आईबीएम के लिए तकनीकी बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

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