सरकार रसोई गैस यानी एलपीजी और नेचुरल गैस पर नया टैक्स लगाने पर विचार कर रही है। प्रस्ताव लागू होने पर उपभोक्ताओं के गैस बिल में बढ़ोतरी हो सकती है। इससे आम लोगों के मासिक खर्च पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना है। सरकार इस कदम के जरिए अतिरिक्त राजस्व जुटाने की योजना बना रही है। हालांकि अभी इस टैक्स को लेकर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। प्रस्ताव पर संबंधित विभागों और अधिकारियों के बीच विचार-विमर्श जारी है। गैस की कीमतों पर इसका संभावित असर आम जनता के लिए चिंता का विषय बन सकता है। सरकार टैक्स व्यवस्था में बदलाव के आर्थिक प्रभावों का आकलन कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी नए शुल्क का असर ऊर्जा लागत पर पड़ सकता है। अंतिम निर्णय के बाद ही टैक्स की दर और लागू होने की स्थिति स्पष्ट होगी। Source: Source Post navigation अल्ट्राप्रोलिंक ने लॉन्च किया Snap-Z Grip, स्मार्टफोन को देगा DSLR जैसा कैमरा अनुभव भारत में लॉन्च हुई लग्जरी रेंज रोवर एसवी अल्ट्रा, मसाज सीट्स और 261 किमी/घंटा की टॉप स्पीड से लैस