नई कार खरीदने के बाद उसकी सुरक्षा के लिए कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस लेना आम विकल्प है। Zero Dep Insurance पॉलिसी में वाहन के पार्ट्स के मूल्यह्रास से होने वाली कटौती को कम करने में मदद मिलती है। हालांकि, इस पॉलिसी में क्लेम की संख्या को लेकर अलग-अलग बीमा कंपनियों के नियम हो सकते हैं। कुछ कंपनियां एक पॉलिसी वर्ष में क्लेम की संख्या पर सीमा तय करती हैं। वहीं कुछ पॉलिसियों में तय शर्तों के अनुसार अधिक क्लेम की सुविधा मिल सकती है। इसलिए पॉलिसी खरीदने से पहले क्लेम लिमिट की जानकारी लेना जरूरी है। Zero Dep कवर हर तरह के नुकसान या हर पार्ट पर समान रूप से लागू हो, यह जरूरी नहीं है। पॉलिसी में डिडक्टिबल और अन्य शर्तें भी लागू हो सकती हैं। बार-बार क्लेम करने से अगले साल के नो क्लेम बोनस पर असर पड़ सकता है। छोटे नुकसान के लिए क्लेम करने से पहले मरम्मत की लागत और संभावित लाभ की तुलना करना उपयोगी है। अलग-अलग बीमा कंपनियों की Zero Dep पॉलिसियों में नियम और कवरेज अलग हो सकते हैं। इसलिए पॉलिसी दस्तावेजों में क्लेम की सीमा, अपवाद और अन्य शर्तों को ध्यान से पढ़ना चाहिए।

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