प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी मामले में 3.72 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। जांच में एक संगठित साइबर ठगी गिरोह की गतिविधियों का खुलासा हुआ है। आरोप है कि इस गिरोह ने भारत में फर्जी कॉल सेंटर संचालित किए। इन कॉल सेंटरों के जरिए ब्रिटेन में रहने वाले बुजुर्गों को निशाना बनाया गया। ठग खुद को दूरसंचार कंपनी का अधिकारी बताकर पीड़ितों से संपर्क करते थे। इस बहाने वे लोगों को झांसे में लेकर उनकी संवेदनशील और निजी जानकारी हासिल करते थे। प्राप्त जानकारी का इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए किया जाता था। जांच के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धन के हस्तांतरण से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। मामले में भारत और ब्रिटेन के बीच साइबर अपराध के संभावित नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। ED ने कथित अपराध से जुड़ी संपत्तियों पर कार्रवाई करते हुए 3.72 करोड़ रुपये की राशि की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। इस कार्रवाई का उद्देश्य अपराध से अर्जित धन और उससे जुड़ी संपत्तियों पर रोक लगाना है। जांच एजेंसी मामले में वित्तीय लेनदेन और आरोपियों की भूमिका का पता लगा रही है। अधिकारियों का उद्देश्य साइबर ठगी में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है। मामले की आगे की जांच जारी है। Source: Source Post navigation तरनतारन में भारत-पाक सीमा के पास 1 किलो हेरोइन बरामद, ड्रोन से तस्करी की आशंका; BSF-पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन लव मैरिज की रंजिश में घर के बाहर फायरिंग करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट ने 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा