अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौते के बाद एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका की शक्ति पर कोई सीमा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि यह समझौता अमेरिका की सैन्य और कूटनीतिक मजबूती को दर्शाता है। ट्रंप के अनुसार, डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित इस समझौते का उद्देश्य संघर्ष को समाप्त करना और हॉरमुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना है। उन्होंने कहा कि यह कदम अमेरिकी प्रभाव और नेतृत्व को और मजबूत करता है। हालांकि आलोचकों का मानना है कि शुरुआती सख्त मांगों से पीछे हटना एक रणनीतिक बदलाव है। ट्रंप ने इन आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा कि यह किसी तरह की कमजोरी नहीं बल्कि एक जीत है। उन्होंने इसे अमेरिका की सैन्य उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया। समझौते के बाद क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। यह घटनाक्रम मध्य पूर्व की भू-राजनीतिक स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस डील का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कूटनीति पर भी पड़ सकता है। Source: Source Post navigation ट्रंप की छाया में उभर रहे हैं जेडी वेंस, ईरान डील के प्रमुख चेहरा बने ‘अपने बच्चों को अमेरिका मत भेजिए’: फर्जी पिज्जा डिलीवरी ट्रैप में भारतीय छात्र की हत्या के बाद बहन की अपील