तरनतारन पुलिस ने खेमकरण में हुए सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी को महज 12 घंटे के भीतर सुलझाते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। तरनतारन के एसएसपी सुरेंद्र लांबा, एसपी (डी) ऋतपन सिंह, डीएसपी (डी) शिवदर्शन सिंह और भिखीविंड के डीएसपी अतुल सोनी की देखरेख में गठित विशेष टीमों ने मुख्य आरोपी को दबोचा। शिकायत के अनुसार, 26 अक्टूबर को लेबर पार्टी के दो गुटों के बीच झड़प हुई थी। 28 अक्टूबर की दोपहर करीब 12:15 बजे महिंदर सिंह अपने बेटे गुरसेवक सिंह, सजनप्रीत सिंह और कीमत सिंह के साथ मोटरसाइकिल पर गेहूं का बीज खरीदने खेमकरण जा रहे थे। खेमकरण बस स्टैंड के पास हरप्रीत सिंह (निवासी असल उत्तर) ने उन्हें रोक लिया और सफेद थार (नंबर PB 46 AN 6080) में सवार युवकों को उनकी जानकारी दे दी। आरोप है कि हमलावरों ने थार गाड़ी से उनका पीछा कर उन्हें घेर लिया और फिर गाड़ी से मनजीत सिंह पिस्तौल और संदीप सिंह राइफल लेकर बाहर निकले और जान से मारने की नीयत से अंधाधुंध गोलियां चला दीं। गोलीबारी में गुरसेवक सिंह, सजनप्रीत सिंह और प्रिंस सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत आनंद अस्पताल भिखीविंड ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान गुरसेवक सिंह की मौत हो गई, जबकि सजनप्रीत और प्रिंस का इलाज जारी है। मृतक के पिता महिंदर सिंह के बयानों के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 103, 109, 126(2), 324(4), 61(2), 191(3), 190 और 25/27/59 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने 28 अक्टूबर की रात 11:25 बजे महज 12 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी मंजीत सिंह उर्फ कट्टा (पुत्र उकार सिंह सोढ़ी, निवासी खेमकरण) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। फरार आरोपियों में संदीप सिंह पुत्र उकार सिंह सोढ़ी निवासी खेमकरण, उकार सिंह सोढ़ी पुत्र बचन सिंह निवासी खेमकरण और हरप्रीत सिंह पुत्र दर्शन सिंह निवासी असल उत्तर शामिल हैं।

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