मानसा जिले के गांव भंममे कला के दलजीत सिंह का आज सुबह करीब 11 बजे गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर कल पीजीआई में उनका पोस्टमार्टम हुआ। परिवार के मुताबिक दलजीत सिंह की 27 अक्टूबर को गांव के पास नशे की ओवरडोज से मौत हुई थी। कुछ लोगों ने उन्हें गाड़ी में ले जाने की बात भी कही थी। मानसा पुलिस ने मामले में हत्या का केस दर्ज किया था। प्रदर्शनकारियों ने शव मानसा लाने की मांग की थी। पुलिस ने शव अपने कब्जे में लेकर बठिंडा के एक अस्पताल में उनके पिता की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया था। इसके बाद दलजीत की बहन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पीजीआई में पोस्टमार्टम और सीबीआई जांच की मांग की। हाईकोर्ट ने पीजीआई में पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया था। अदालत ने चंडीगढ़ के सेक्टर-25 में अंतिम संस्कार करने का भी आदेश दिया था। परिवार ने पीजीआई में पोस्टमार्टम कराया और अब गांव भंममे कला में अंतिम संस्कार करेगा। मानसा में देर रात परविंदर सिंह झोटा एक्शन कमेटी ने सरकार से परिवार को मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की। इसके बाद पंजाब सरकार ने दलजीत सिंह की पत्नी को मानसा के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में सरकारी नौकरी देने और परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया। दरअसल दलजीत सिंह (35) का शव 27 अक्टूबर को मानसा जिले के गांव रमानंदा के पास खेत में मिला था। उनकी मौत को लेकर परिवार और पुलिस के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। परिवार का कहना है कि दलजीत की मौत नशे की ओवरडोज से हुई, जबकि पुलिस की ओर से इसे हत्या का मामला बताया गया है। पुलिस ने शव पर चोटों के निशान होने की बात भी कही थी। परिवार ने निष्पक्ष जांच और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। दलजीत की बहन अमरजीत कौर ने मामले की सीबीआई जांच, पीजीआई में विशेषज्ञ डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमार्टम और परिवार की सुरक्षा की मांग की थी। Source: Source Post navigation यूपी से तीन माह से लापता बुजुर्ग सिरसा में मिला: डेरा सेवादारों ने पुलिस की मदद से परिवार का पता लगाया, रात में लेने पहुंचे परिजन HPV टीकाकरण से पहले झारखंड में होगा व्यापक सर्वे: CM हेमंत सोरेन ने विशेषज्ञों से राय लेने का दिया निर्देश, RIMS में भी बड़े बदलाव