आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने एक मृत सिक्योरिटी गार्ड के परिवार को मिलने वाले मुआवजे को बढ़ा दिया है। शुरू में यह मुआवजा 3.85 लाख रुपए तय किया गया था, जिसे अपील के बाद बढ़ाकर 7.74 लाख रुपए कर दिया गया। मृतक नागामुनि रेड्डी की 2009 में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी, जब वह सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम कर रहे थे। कोर्ट ने मुआवजा गणना में भविष्य की कमाई की संभावनाओं और उचित मल्टीप्लायर को ध्यान में रखने की जरूरत को स्वीकार किया। कोर्ट ने माना कि मुआवजे में मृतक की उम्र और आर्थिक स्थिति का अहम रोल होता है। इस फैसले से दुर्घटना पीड़ितों के परिवारों को राहत मिल सकती है। Source: Source Post navigation आधार नहीं, अब ये डॉक्यूमेंट्स जरूरी? सरकारी योजनाओं का नियम बदल सकता है, बायोमेट्रिक और वोटर आईडी का इस्तेमाल संभव