छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में चित्रोत्पला फिल्म सिटी के लिए 1,100 पेड़ काटे जाने हैं, जिसका विरोध हो रहा है। पेड़ काटने की मशीनें पहुंचीं तो चिपको आंदोलन की तरह ग्रामीण उन्हें बचाने के लिए पेड़ों से लिपट गए और कटाई रोकने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस के साथ उनकी झूमाझटकी भी हुई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो 27 अक्टूबर का है। पर्यटन विभाग के एमडी सौमिल रंजन चौबे का कहना है कि 1,100 पेड़ कटने हैं, लेकिन हम 10 गुना यानी 11,000 पौधे लगा रहे हैं और 1,000 पौधे लगाए जा चुके हैं, क्योंकि सारे पौधे सफल नहीं होते, इसलिए दोबारा पेड़ लगाए जा रहे हैं। वहीं, निरगारी समिति ने गिनकर बताया कि अभी तक 530 पौधे लगाए गए हैं। विरोध कर रहे 10 ग्रामीणों को पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिसके बाद कांग्रेस के शहर और ग्रामीण जिला अध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता थाने पहुंचे और घेराव किया, हालांकि करीब एक घंटे बाद पुलिस ने सभी ग्रामीणों को छोड़ दिया। पर्यावरण एक्सपर्ट का कहना है कि 1,100 पेड़ काटकर रोज 10 हजार लोगों की ऑक्सीजन छीनी जा रही है, जबकि औद्योगिक एरिया के हिसाब से रायपुर में और पेड़ लगने चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि वे फिल्म सिटी या विकास कार्यों के विरोध में नहीं हैं, लेकिन इसके लिए वर्षों में तैयार हुए जंगल को खत्म नहीं किया जाना चाहिए और नवा रायपुर में फिल्म सिटी के लिए दूसरी जगह भी उपलब्ध है। माना-तूता जंगल संघर्ष समिति ने पेड़ों की कटाई के खिलाफ आंदोलन तेज करने की तैयारी की है और 28 अक्टूबर को भाजपा की छत्तीसगढ़ प्रभारी स्मृति ईरानी को पत्र लिखकर तत्काल कटाई रोकने की मांग की है, जबकि पर्यटन विभाग के एमडी ने कहा कि फिल्म सिटी के लिए साइट पहले ही फाइनल हो चुकी है और एक पेड़ की जगह 10 गुना ज्यादा पौधे लगाए जा रहे हैं तथा 3,000 पेड़ों की कटाई को घटाकर 1,100 पेड़ किया गया है। Source: Source Post navigation छत्तीसगढ़ के IPS रॉबिंसन गुरिया समेत 15 पुलिसकर्मियों को मिला केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक, उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मान सूरजपुर के ओड़गी में कॉलेज से सौ मीटर दूर शराब दुकान, ABVP ने खोला मोर्चा; 3 नवंबर को आंदोलन और चक्काजाम की चेतावनी