छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शादी के वीडियो और आवाज रिकॉर्डिंग को अतिरिक्त साक्ष्य के रूप में पेश करने की अर्जी खारिज करने के मजिस्ट्रेट के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया है। बिलासपुर हाई कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि मजिस्ट्रेट का आदेश उचित है। मामले में सभी पहलुओं पर विचार किया गया। कोर्ट ने कहा कि अतिरिक्त साक्ष्य पेश करने के लिए ठोस आधार जरूरी है। यह फैसला कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पक्षकारों ने फैसले पर प्रतिक्रिया दी है। कोर्ट ने सभी तथ्यों की जांच के बाद यह आदेश दिया। Source: Source Post navigation पानीपत में दहेज हत्या: पति को 10 साल की कैद और 20 हजार जुर्माना, बेटी पैदा होने पर किया जाता था प्रताड़ित; चार परिजन बरी