पटियाला में पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन (PSPCL) मुख्यालय के बाहर आउटसोर्स कर्मचारियों का धरना आठवें दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों का कहना है कि प्रशासन ने 15 जून तक डेटा सत्यापित कर नोटिफिकेशन जारी करने का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ है। पावरकॉम-ट्रांसको आउटसोर्स वर्कर यूनियन ने सरकार के झूठे आश्वासनों के खिलाफ 16 जून से दोबारा आंदोलन शुरू किया है। हाल ही में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के साथ हुई 6 घंटे की बैठक भी बेनतीजा रही, जिससे कर्मचारियों में काफी आक्रोश है। यूनियन नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक CHB नीति लागू नहीं की जाती, वे पीछे नहीं हटेंगे। हड़ताल का असर राज्य की बिजली सेवाओं पर भी पड़ रहा है, क्योंकि मीटर रीडर भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं। बिजली बिल वितरण प्रभावित होने के कारण प्रशासन को ऑनलाइन बिल भेजने का निर्णय लेना पड़ा है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें कम वेतन देकर उनका शोषण किया जा रहा है। सरकार और PSPCL प्रबंधन को चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र होगा। यूनियन ने कहा है कि समझौता करने वाले संगठनों से अलग होकर वे अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे। प्रदर्शनकारी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अब आर-पार की स्थिति में हैं। Source: Source Post navigation सूरजपुर: नौकरी और मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों का बड़ा प्रदर्शन, 14 दिन का मिला आश्वासन रायपुर राशन घोटाला: दुकानों में चावल की बड़ी हेराफेरी, जोरा संचालक पर FIR दर्ज