परिवहन निगमों में टिकट बुक गायब होने का मामला सामने आने के बाद हाईकोर्ट ने इस पर संज्ञान लिया है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों से मामले की रिपोर्ट मांगी है। टिकट बुक के गायब होने से परिवहन निगमों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। हाईकोर्ट ने मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। अदालत यह जानना चाहती है कि टिकट बुक किन परिस्थितियों में गायब हुईं। मामले में संबंधित परिवहन निगमों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। अधिकारियों से घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी देने की अपेक्षा की गई है। टिकट बुक के रिकॉर्ड और उनके रखरखाव से जुड़े पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट होने की संभावना है। हाईकोर्ट की रिपोर्ट संबंधी मांग से मामले की जांच में तेजी आने की उम्मीद है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में संबंधित परिवहन निगमों के नाम, गायब टिकट बुक की संख्या और संभावित वित्तीय नुकसान का विवरण नहीं दिया गया है। आगे की कार्रवाई अदालत के समक्ष पेश की जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर तय हो सकती है। Source: Source Post navigation 299 रुपये की शॉर्ट्स पर 15 रुपये अतिरिक्त GST वसूला, 7 साल की लड़ाई के बाद ग्राहक को मिला 4,000 रुपये मुआवजा छत्तीसगढ़ में नकल मामलों की सुनवाई के लिए 3 स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट, रायपुर-बिलासपुर और बैकुंठपुर में होगी सुनवाई