बरनाला में खजाना कार्यालय के बाहर साझा मुलाजिम मंच और पंजाब मुलाजिम व पेंशनर्स फ्रंट के बैनर तले कर्मचारियों ने विशाल धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से महंगाई भत्ते की 18 प्रतिशत बकाया किस्तें जारी करने और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की पुरजोर मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने एसीपी भत्ता लागू करने और केंद्रीय वेतन आयोग से जुड़े विवादास्पद पत्रों को वापस लेने की मांग भी उठाई है। प्रदर्शन का नेतृत्व मनोहर लाल, मोहन सिंह छन्ना और राजीव कुमार सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने किया। कर्मचारी नेताओं ने ऐलान किया है कि उनकी लड़ाई हक मिलने तक जारी रहेगी। विरोध प्रदर्शन को तेज करते हुए 1 जुलाई से 10 जुलाई तक राज्य के मंत्रियों के आवासों का घेराव किया जाएगा। इसी रणनीति के तहत 30 जून को बैठक के बाद सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर के आवास पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। अंत में, 17 जुलाई को पंजाब भर के लाखों कर्मचारी और पेंशनभोगी अपनी मांगों के समर्थन में मोहाली की ओर कूच करेंगे। इस धरने में विभिन्न विभागों के सैकड़ों कर्मचारी और पेंशनर यूनियन के सदस्य शामिल हुए। प्रशासन और सरकार पर दबाव बनाने के लिए यह एक व्यापक आंदोलन की शुरुआत मानी जा रही है। Source: Source Post navigation छत्तीसगढ़ में सूखे का खतरा: कमजोर मानसून की आहट के बीच सरकार ने किसानों को दी फसल बदलने की सलाह बोकारो में मुहर्रम जुलूस की सुरक्षा के लिए ड्रोन से निगरानी, पुलिस ने बरती सावधानी