छत्तीसगढ़ के बस्तर में 12 से 14 अगस्त तक तीन दिवसीय तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यात्रा की जानकारी दी। यात्रा नारायणपुर से शुरू होकर दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर होते हुए करेगुट्टा पहाड़ी तक जाएगी। यात्रा नक्सली हिंसा से जुड़ी 31 प्रमुख घटनाओं वाले स्थानों से होकर गुजरेगी। इन स्थानों पर तिरंगा फहराने की तैयारी की गई है। यात्रा के मार्ग पर संबंधित नक्सली घटनाओं की जानकारी वाले पोस्टर लगाए जाएंगे। पोस्टरों पर QR कोड होंगे, जिन्हें स्कैन करके घटना की तारीख और शहीद जवानों से जुड़ी जानकारी मिल सकेगी। यात्रा का उद्देश्य नक्सल हिंसा के इतिहास और उसके प्रभावित लोगों की जानकारी नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। 15 अगस्त को बस्तर संभाग के 92 गांवों में पहली बार राष्ट्रध्वज फहराने की तैयारी है। इनमें सुकमा के 50, बीजापुर के 33 और नारायणपुर के 9 गांव शामिल हैं। संभाग के 500 से अधिक स्कूलों, चौराहों और सामुदायिक भवनों का नाम शहीदों के नाम पर रखने की भी तैयारी है। सरकार के मुताबिक यह यात्रा बस्तर में राष्ट्रीय एकता और नक्सल हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव का संदेश देगी। Source: Source Post navigation फतेहाबाद में नगर पालिका कर्मचारियों की हड़ताल 15 अगस्त तक बढ़ी, शहर में लगे कचरे के ढेर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर गिट्टी लदे डंपर में लगी भीषण आग, ड्राइवर ने सूझबूझ से बचाई जान