मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव जल्द ही भारत की सबसे लंबी भूमिगत जल सुरंग (अंडरग्राउंड वॉटर टनल) का भव्य उद्घाटन करेंगे। यह ऐतिहासिक 11.95 किलोमीटर लंबी स्लीमानाबाद सुरंग विंध्य क्षेत्र के सूखाग्रस्त इलाकों में नर्मदा नदी का पानी पहुंचाएगी। इस टनल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पानी पहुंचाने के लिए किसी भी तरह के भारी बिजली पंपों की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि पानी ‘ग्रेविटी-फ्लो’ (गुरुत्वाकर्षण बल) के जरिए स्वाभाविक रूप से बहेगा। निर्माण कार्य के दौरान इंजीनियरों को विंध्य पर्वत श्रृंखला की बेहद कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और कई जटिल इंजीनियरिंग चुनौतियों का सामना करना पड़ा। यह सुरंग प्रतिष्ठित ‘बरगी डायवर्जन प्रोजेक्ट’ का एक बेहद महत्वपूर्ण और मुख्य हिस्सा है। इस महत्वकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के कई जिलों में फैले हजारों गांवों तक सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना है। इस टनल के पूरी तरह चालू होने से क्षेत्र के किसानों की कृषि भूमि को नया जीवन मिलेगा और फसलों की पैदावार में भारी बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही विंध्य क्षेत्र में पिछले कई दशकों से चली आ रही पेयजल की गंभीर किल्लत भी हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। तकनीक के जानकारों के अनुसार, बिना पंप के पानी की यह निर्बाध सप्लाई बिजली की भारी बचत करेगी और पर्यावरण के अनुकूल साबित होगी। प्रशासन ने उद्घाटन समारोह को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीण इस टनल के शुरू होने को लेकर बेहद उत्साहित हैं, क्योंकि यह उनके आर्थिक विकास के नए द्वार खोलेगी। Source: Source Post navigation गुरुग्राम पुलिस का बड़ा एक्शन: अवैध रूप से रह रहे 13 बांग्लादेशी नागरिक डिपोर्ट, 23 पुलिसकर्मियों की टीम ट्रेन से रवाना देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ का सिरसा में लाइव प्रसारण, PM मोदी दिखाएंगे नई रेल तकनीक की झलक